ವಿಭಾಗಗಳು
collection

my publications

ವಿಭಾಗಗಳು
collection

my daughter sings!

majority of the functions at our colony are starting with an invocation by my daughter 🙂 – just thought of sharing two of her songs

ವಿಭಾಗಗಳು
collection

जय हिन्द की सेना

this song is from film kabuliwala (1956) – written by gulzaar

ऎ मेरे वतन के लोगों
तुम खूब लगा लॊ नारा
ये शुभ दिन है हम सब का
लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलॊ सीमा पर
वीरों ने है प्राण गंवाए
कुछ याद उन्हे भी कर लो
जो लौट के घर न आये


ऎ मेरे वतन के लोगों
झरा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
झरा याद करो कुरबानी


जब घायल हुआ हिमालय
खतरे में पडी आझादी
जब तक थी साँस लडे वो
फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे डर कर माता
सो गये अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
झरा याद करो कुरबानी


जब देश में थी दिवाली
वो खेल रहे थॆ होली
जब हम बैठे थे घरों में
वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो अपने
थि धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
झरा याद करो कुरबानी


कोई सिख कोई जाट मराठा
कोई गूरखा कोई मदरासी
सरकद पे मरनेवाला
हर वीर था भारतवासी
जो खून गिरा पर्वत पर
वो खून था हिन्दुस्थानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
झरा याद करो कुरबानी


थी खून से लट-पट काया
फिर भी बन्दूक उठाके
दस-दस को एक ने मारा
फिर गिर गये होश गँवा के
जब अंत समय आया तो
कह गये के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों
अब हम तो सफर करते हैं
क्या लोग थे वो दीवाने
क्या लोत थे वो अभिमानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
झरा याद करो कुरबानी


तुम भूल न जाऒ उनको
इस लिये कही ये कहानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
झरा याद करो कुरबानी


जय हिन्द की सेना जय हिन्द की सेना
जय हिन्द जय हिन्द जय हिन्द


ऎ मेरे वतन के लोगों

ವಿಭಾಗಗಳು
collection

my liking

गलत मत कदम उठाओ
सोच कर चलॊ विचार कर चलो
राह की मुसीबतों को
पार कर चलो पार कर चलो

हमपे जिम्मेदारियां है देश की बडी
हम न बदले अपनी चाल हर घडी घडी
आग ले चलो चिराग ले चलो
ये मस्तियों कि रंग भरे भाग ले चलो

मंजिल के मुसाफिर तुझे क्या
राह कि क्या फिकर
चट्टान पर तूफान के तेजों का क्या असर
ये कौन आ रहा अंधेर छा रहा
ये कौन मंजिलों पे मंजिले उठा रहा

मिल के चलो एक साथ अब नहीं रुको
बढ के चलो एक साथ अब नहीं झुको
साज करेगा आवाज करेगा
हमारी वीरता पे यहां राज करेगा


***************************************


चल अकेला चल अकेला चल अकेला
तेरा मेला पीछे छूटा राहे चल अकेला

हजार मील लंबे रास्ते, तुझ को बुलाते
यहां दुखडे सहने के वासते तुझ को बुलाते
है कौन सा वो इनसान यहां पर जिसने दुःख न झेला
चल अकेला चल अकेला चल अकेला
तेरा मेला पीछे छूटा राहे चल अकेला
चल अकेला चल अकेला चल अकेला
तेरा मेला पीछे छूटा राहे चल अकेला

तेरा कोई साथ न दे तो, तू खुद से प्रीत जोड ले
बिछौना धरती को कर के, अरे आकाश ऒढ ले
यहां पूरा खेल अभी जीवन का तूने कहां हैं खेला
चल अकेला चल अकेला चल अकेला
तेरा मेला पीछे छूटा राहे चल अकेला
चल अकेला चल अकेला चल अकेला
तेरा मेला पीछे छूटा राहे चल अकेला

*************************************


ऎ मेरे प्यारे वतन, ऎ मेरे बिछडे चमन
तुझ पे दिल कुर्बान
तू ही मेरी आरजू, तू ही मॆरी आबरू
तू ही मेरी जान

तेरे दामन से जो आये उन हवावों को सलाम
छूम लूं मैं उस जुबान को जिसपे आये तेरा नाम
सबसे प्यारी सुबह तेरी
सबसे रंगीन तेरी शाम
तुझ पे दिल कुर्बान

मां का दिल बनके कभी सीने से लग जाता है तू
और कभी नन्ही सी बेटी बन के याद आता है तू
जितना याद आता है मुझको
उतना तडपाता है तू
तुझ पे दिल कुर्बान

छॊड कर तेरी जमीन को दूर आ पहुंचे हैं हम
फिर भी है ये ही तमन्ना तेरे जर्रॊं की कसम
हम जहां पैदा हुए निकले दम
तुझ पे दिल कुर्बान

ವಿಭಾಗಗಳು
collection

ಮಡಿ

ಮಡಿ ಮಡಿ ಮಡಿಯೆಂದು ಅಡಿಗಡಿಗೆ ಹಾರುವೆ |

ಮಡಿ ಮಾಡುವ ಬಗೆ ಬೇರುಂಟು  

ಪೊಡವಿ ಪಾಲಕನ ಧ್ಯಾನ ಮಾಡುವುದು |

ಬಿಡದೆ ಭಜಿಸುಮದು ಅದು ಮಡಿಯಾ

ಬಟ್ಟೆಯ ನೀರೊಳಗಿಟ್ಟು ಒಣಗಿಸಿ |

ಉಟ್ಟರೆ ಅದು ತಾ ಮಡಿಯಲ್ಲ || 

ಹೊಟ್ಟೆಯೊಳಗಿನ ಕಾಮಕ್ರೋಧಗಳ |

ಬಿಟ್ಟರೆ ಅದು ತಾ ಮಡಿಯೊ

ಪರಧನ ಪರಸತಿ ಪರನಿಂದೆಗಳನು |

ಜರೆದಹಂಕಾರಗಳನೆ ತೊರೆದು || 

ಹರಿಹರಿಯೆಂದು ದೃಢದಿ ಮನದಲಿ

ಇರುಳು ಹಗಲು ಸ್ಮರಿಸಲು ಮಡಿಯೋ

ಎಚ್ಚರವಿಲ್ಲದೆ ಮಲ ಮೂತ್ರ ದೇಹವ |

ನೆಚ್ಚಿ ಕೆಡಲು ಬೇಡಲೊ ಮನವೆ ||  

ಅಚ್ಚುತಾನಂತನ ನಾಮವ ಮನಗೊಂಡು |

ಸಚ್ಚಿಂತೆಯಲಿರುವುದೆ ಮಡಿಯೊ

ಭೂಸುರರು ಮಧ್ಯಾಹ್ನಕಾಲದಲಿ |

ಹಸಿದು ಬಳಲಿ ಬಂದರೆ ಮನೆಗೆ || 

ಬೇಸತ್ತು ನಮಗೆ ಗತಿಯಿಲ್ಲ ಹೋಗೆಂದು |

ಹಸನಾಗಿ ಉಂಬುವುದು ಅದು ಮಡಿಯೊ?

ದಶಮಿದ್ವಾದಶಿಯ ಪುಣ್ಯಕಾಲದಲಿ |

ವಸುದೇವ ಸುತನ ಪೂಜಿಸದೆ || 

ದೋಷಕಂಜದೆ ಪರರನ್ನು ಭುಜಿಸಿ ಯಮ – |

ಪಾಶಕೆ ಬೀಳ್ವುದು ಹುಸಿಮಡಿಯೊ?

ಸ್ನಾನಸಂಧ್ಯಾನ ಮೊದಲಾದ ಕರ್ಮಗಳೆಲ್ಲ |

ಜ್ಞಾನಮಾನಸುಮ್ಮಾನದಿಂದ || 

ದೀನವಂದ್ಯನ ಸುಜನ ಸಂತರ್ಪಣ |

ಅನುದಿನ ಮಾಡುವುದು ಘನಮಡಿಯೊ

ಗುರು ಹಿರಿಯರ ಹರಿದಾಸರ ನೆನೆದು |

ಚರಣಕೆರಗಿ ಭಯ ಭಕ್ತಿಯಿಂದ || 

ಪರಿಪರಿ ವಿಧದಲಿ ಪುರಂದರವಿಠಲನ |

ನೆರನೆಂಬುವುದು ಉತ್ತಮ ಮಡಿಯೊ